रामचरितमानस जयंती

रामचरितमानस जयंती शनिवार, 13 मार्च को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। वह दिन जब गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरम्भ की — चैत्र शुक्ल नवमी की वर्षगाँठ।

Ramcharitmanas Jayanti · शनिवार, 13 मार्च · major

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रामचरितमानस जयंती

परिचय

वह दिन जब गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरम्भ की — चैत्र शुक्ल नवमी की वर्षगाँठ।

रामचरितमानस जयंती कब है?

रामचरितमानस जयंती शनिवार, 13 मार्च को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: वह दिन जब गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरम्भ की — चैत्र शुक्ल नवमी की वर्षगाँठ।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामचरितमानस जयंती कब है?

रामचरितमानस जयंती शनिवार, 13 मार्च को है।

रामचरितमानस जयंती क्या है?

वह दिन जब गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरम्भ की — चैत्र शुक्ल नवमी की वर्षगाँठ।

रामचरितमानस जयंती कैसे मनाते हैं?

रामचरितमानस जयंती पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

रामचरितमानस जयंती का महत्व क्या है?

वह दिन जब गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्या में रामचरितमानस की रचना आरम्भ की — चैत्र शुक्ल नवमी की वर्षगाँठ।