रामचरितमानस दोहे एक bhajan है जिसे Tulsidas द्वारा प्रस्तुत किया गया है। मानस के चुने दोहे — दिनभर साथ रखने योग्य लघु छंद।
मानस के चुने दोहे — दिनभर साथ रखने योग्य लघु छंद।
मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी॥ रघुकुल रीति सदा चली आई। प्राण जाहिं पर बचनु न जाई॥
Mangal Bhavan Amangal Hari, Dravahu Su Dasharath Ajir Bihari. Raghukul Reet Sada Chali Aai, Pran Jahin Par Bachan Na Jai.
Tulsidas द्वारा प्रस्तुत यह bhajan परंपरागत भक्ति-संग्रह का हिस्सा है।
मानस के चुने दोहे — दिनभर साथ रखने योग्य लघु छंद।
रामचरितमानस दोहे किसी भी समय गाया जा सकता है — विशेषतः प्रातः और संध्या ram पूजा के समय।