कृष्ण जन्माष्टमी

कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। श्री कृष्ण का जन्मोत्सव — राम भक्त के लिए वही विष्णु की एक और लीला का स्मरण।

Krishna Janmashtami · शुक्रवार, 4 सितंबर · major

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कृष्ण जन्माष्टमी

परिचय

श्री कृष्ण का जन्मोत्सव — राम भक्त के लिए वही विष्णु की एक और लीला का स्मरण।

कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: श्री कृष्ण का जन्मोत्सव — राम भक्त के लिए वही विष्णु की एक और लीला का स्मरण।

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कृष्ण जन्माष्टमी — आपके शहर में

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण जन्माष्टमी कब है?

कृष्ण जन्माष्टमी शुक्रवार, 4 सितंबर को है।

कृष्ण जन्माष्टमी क्या है?

श्री कृष्ण का जन्मोत्सव — राम भक्त के लिए वही विष्णु की एक और लीला का स्मरण।

कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाते हैं?

कृष्ण जन्माष्टमी पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व क्या है?

श्री कृष्ण का जन्मोत्सव — राम भक्त के लिए वही विष्णु की एक और लीला का स्मरण।