राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न। भक्त उपवास रखते हैं, रामचरितमानस का पाठ करते हैं और मन्दिर जाते हैं।
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न। भक्त उपवास रखते हैं, रामचरितमानस का पाठ करते हैं और मन्दिर जाते हैं।
राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को है।
प्रमुख पर्व पूजा विधि 1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें। 3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें। 4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ। 5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें। 6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें। 7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें। विशेष: भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न। भक्त उपवास रखते हैं, रामचरितमानस का पाठ करते हैं और मन्दिर जाते हैं।
राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल को है।
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न। भक्त उपवास रखते हैं, रामचरितमानस का पाठ करते हैं और मन्दिर जाते हैं।
राम नवमी पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।
भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव — चैत्र शुक्ल नवमी, मध्याह्न। भक्त उपवास रखते हैं, रामचरितमानस का पाठ करते हैं और मन्दिर जाते हैं।