दीपावली — श्रीराम का अयोध्या आगमन रविवार, 8 नवंबर को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। कार्तिक अमावस्या को श्रीराम सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी सहित चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटते हैं। प्रत्येक घर में दीप-पंक्तियाँ प्रज्ज्वलित होती हैं।
कार्तिक अमावस्या को श्रीराम सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी सहित चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटते हैं। प्रत्येक घर में दीप-पंक्तियाँ प्रज्ज्वलित होती हैं।
दीपावली — श्रीराम का अयोध्या आगमन रविवार, 8 नवंबर को है।
प्रमुख पर्व पूजा विधि 1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें। 3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें। 4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ। 5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें। 6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें। 7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें। विशेष: कार्तिक अमावस्या को श्रीराम सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी सहित चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटते हैं। प्रत्येक घर में दीप-पंक्तियाँ प्रज्ज्वलित होती हैं।
दीपावली — श्रीराम का अयोध्या आगमन रविवार, 8 नवंबर को है।
कार्तिक अमावस्या को श्रीराम सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी सहित चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटते हैं। प्रत्येक घर में दीप-पंक्तियाँ प्रज्ज्वलित होती हैं।
दीपावली — श्रीराम का अयोध्या आगमन पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।
कार्तिक अमावस्या को श्रीराम सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी सहित चौदह वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटते हैं। प्रत्येक घर में दीप-पंक्तियाँ प्रज्ज्वलित होती हैं।