विजयदशमी (दशहरा)

विजयदशमी (दशहरा) मंगलवार, 20 अक्तूबर को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। वह दिन जब श्रीराम ने रावण का वध किया — धर्म की अधर्म पर विजय। रामलीला रावण-दहन के साथ समाप्त होती है।

Vijayadashami (Dussehra) · मंगलवार, 20 अक्तूबर · major

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विजयदशमी (दशहरा)

परिचय

वह दिन जब श्रीराम ने रावण का वध किया — धर्म की अधर्म पर विजय। रामलीला रावण-दहन के साथ समाप्त होती है।

विजयदशमी (दशहरा) कब है?

विजयदशमी (दशहरा) मंगलवार, 20 अक्तूबर को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: वह दिन जब श्रीराम ने रावण का वध किया — धर्म की अधर्म पर विजय। रामलीला रावण-दहन के साथ समाप्त होती है।

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विजयदशमी (दशहरा) — आपके शहर में

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विजयदशमी (दशहरा) कब है?

विजयदशमी (दशहरा) मंगलवार, 20 अक्तूबर को है।

विजयदशमी (दशहरा) क्या है?

वह दिन जब श्रीराम ने रावण का वध किया — धर्म की अधर्म पर विजय। रामलीला रावण-दहन के साथ समाप्त होती है।

विजयदशमी (दशहरा) कैसे मनाते हैं?

विजयदशमी (दशहरा) पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

विजयदशमी (दशहरा) का महत्व क्या है?

वह दिन जब श्रीराम ने रावण का वध किया — धर्म की अधर्म पर विजय। रामलीला रावण-दहन के साथ समाप्त होती है।