वट सावित्री

वट सावित्री शुक्रवार, 4 जून को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। सुहागिनें सावित्री के पतिव्रत का स्मरण करती हैं — सीता जी की राम-भक्ति से जुड़ा पर्व।

Vat Savitri · शुक्रवार, 4 जून · major

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वट सावित्री

परिचय

सुहागिनें सावित्री के पतिव्रत का स्मरण करती हैं — सीता जी की राम-भक्ति से जुड़ा पर्व।

वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शुक्रवार, 4 जून को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: सुहागिनें सावित्री के पतिव्रत का स्मरण करती हैं — सीता जी की राम-भक्ति से जुड़ा पर्व।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वट सावित्री कब है?

वट सावित्री शुक्रवार, 4 जून को है।

वट सावित्री क्या है?

सुहागिनें सावित्री के पतिव्रत का स्मरण करती हैं — सीता जी की राम-भक्ति से जुड़ा पर्व।

वट सावित्री कैसे मनाते हैं?

वट सावित्री पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

वट सावित्री का महत्व क्या है?

सुहागिनें सावित्री के पतिव्रत का स्मरण करती हैं — सीता जी की राम-भक्ति से जुड़ा पर्व।