सीता नवमी

सीता नवमी शनिवार, 15 मई को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। जानकी सीता जी का प्राकट्य दिवस — सीता-राम नाम जप और तुलसी अर्पण के साथ मनाया जाता है।

Sita Navami · शनिवार, 15 मई · major

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सीता नवमी

परिचय

जानकी सीता जी का प्राकट्य दिवस — सीता-राम नाम जप और तुलसी अर्पण के साथ मनाया जाता है।

सीता नवमी कब है?

सीता नवमी शनिवार, 15 मई को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: जानकी सीता जी का प्राकट्य दिवस — सीता-राम नाम जप और तुलसी अर्पण के साथ मनाया जाता है।

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सीता नवमी — आपके शहर में

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीता नवमी कब है?

सीता नवमी शनिवार, 15 मई को है।

सीता नवमी क्या है?

जानकी सीता जी का प्राकट्य दिवस — सीता-राम नाम जप और तुलसी अर्पण के साथ मनाया जाता है।

सीता नवमी कैसे मनाते हैं?

सीता नवमी पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

सीता नवमी का महत्व क्या है?

जानकी सीता जी का प्राकट्य दिवस — सीता-राम नाम जप और तुलसी अर्पण के साथ मनाया जाता है।