गीता जयंती

गीता जयंती शनिवार, 19 दिसंबर को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। वह दिन जब भगवद्गीता का उपदेश हुआ — राम भक्त के लिए स्मरण कि विष्णु की वाणी हर युग में मार्ग दिखाती है।

Gita Jayanti · शनिवार, 19 दिसंबर · major

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गीता जयंती

परिचय

वह दिन जब भगवद्गीता का उपदेश हुआ — राम भक्त के लिए स्मरण कि विष्णु की वाणी हर युग में मार्ग दिखाती है।

गीता जयंती कब है?

गीता जयंती शनिवार, 19 दिसंबर को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: वह दिन जब भगवद्गीता का उपदेश हुआ — राम भक्त के लिए स्मरण कि विष्णु की वाणी हर युग में मार्ग दिखाती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गीता जयंती कब है?

गीता जयंती शनिवार, 19 दिसंबर को है।

गीता जयंती क्या है?

वह दिन जब भगवद्गीता का उपदेश हुआ — राम भक्त के लिए स्मरण कि विष्णु की वाणी हर युग में मार्ग दिखाती है।

गीता जयंती कैसे मनाते हैं?

गीता जयंती पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

गीता जयंती का महत्व क्या है?

वह दिन जब भगवद्गीता का उपदेश हुआ — राम भक्त के लिए स्मरण कि विष्णु की वाणी हर युग में मार्ग दिखाती है।