अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया रविवार, 9 मई को मनाया जाने वाला हिन्दू major त्योहार है। एक अति शुभ तिथि — इस दिन किए गए जप, दान और राम-स्मरण का पुण्य अक्षय माना जाता है।

Akshaya Tritiya · रविवार, 9 मई · major

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अक्षय तृतीया

परिचय

एक अति शुभ तिथि — इस दिन किए गए जप, दान और राम-स्मरण का पुण्य अक्षय माना जाता है।

अक्षय तृतीया कब है?

अक्षय तृतीया रविवार, 9 मई को है।

पूजा विधि

प्रमुख पर्व पूजा विधि
1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
2. पूजा स्थल को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें।
3. इष्ट देवता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें — पुष्प, अक्षत और दीप अर्पित करें।
4. धूप, नैवेद्य और जल का अर्घ्य चढ़ाएँ।
5. इस पर्व से सम्बन्धित मंत्र अथवा स्तोत्र का 108 बार जाप करें।
6. परिवार सहित आरती करें और शंखनाद करें।
7. प्रसाद वितरण करें और जरूरतमंदों को दान दें।

विशेष: एक अति शुभ तिथि — इस दिन किए गए जप, दान और राम-स्मरण का पुण्य अक्षय माना जाता है।

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अक्षय तृतीया — आपके शहर में

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अक्षय तृतीया कब है?

अक्षय तृतीया रविवार, 9 मई को है।

अक्षय तृतीया क्या है?

एक अति शुभ तिथि — इस दिन किए गए जप, दान और राम-स्मरण का पुण्य अक्षय माना जाता है।

अक्षय तृतीया कैसे मनाते हैं?

अक्षय तृतीया पारंपरिक major रूप में मनाया जाता है — पूजा, उपवास, मंत्र-जप और कीर्तन के साथ। पूरी पूजा विधि पृष्ठ पर नीचे दी गई है।

अक्षय तृतीया का महत्व क्या है?

एक अति शुभ तिथि — इस दिन किए गए जप, दान और राम-स्मरण का पुण्य अक्षय माना जाता है।