अग्नि की साक्षी में मित्रता

हनुमान राम और सुग्रीव को मिलाते हैं; एक साझा संकल्प का आरंभ होता है।

Valmiki Ramayana · Kishkindha Kanda 5

अयम् रामो महाप्राज्ञ संप्राप्तो दृढ विक्रमः |
लक्ष्मणेन सह भ्रात्रा रामोऽयम् सत्य विक्रमः || ४-५-२

नीचे मौलिक संपादकीय सार है, शाब्दिक अनुवाद नहीं। विभिन्न रामायण परंपराओं में विवरण भिन्न हो सकते हैं।

हनुमान राम और लक्ष्मण का परिचय सुग्रीव से कराते हैं। राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ आते हैं। राम और सुग्रीव अग्नि के सामने अपनी मित्रता स्वीकार करते हैं।

सुग्रीव वालि के कारण हुए अपने दुख का वर्णन करते हैं। इस मिलन का वर्णन किष्किंधा कांड के पाँचवें सर्ग में है।

संस्कृत स्रोत और संदर्भ पढ़ें

पाँच प्रश्न आज़माएँ

राम को सुग्रीव से कौन मिलाते हैं?

हनुमान राम और लक्ष्मण का परिचय सुग्रीव से कराते हैं।

राम के साथ कौन हैं?

राम अपने भाई लक्ष्मण के साथ आते हैं।

उनकी मित्रता का साक्षी क्या बनता है?

राम और सुग्रीव अग्नि के सामने अपनी मित्रता स्वीकार करते हैं।

किस भाई के कारण सुग्रीव दुखी हैं?

सुग्रीव वालि के कारण हुए अपने दुख का वर्णन करते हैं।

इस मिलन का वर्णन किस कांड में है?

इस मिलन का वर्णन किष्किंधा कांड के पाँचवें सर्ग में है।

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Shri Ram Aarti · Raghupati Raghav · Hanuman Chalisa

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