राम और शिव का धनुष

जनक के दरबार में एक अद्भुत धनुष राम और सीता के विवाह का केंद्र बनता है।

Valmiki Ramayana · Bala Kanda 67

जनकस्य वचः श्रुत्वा विश्वामित्रो महामुनिः |
धनुर्दर्शय रामाय इति होवाच पार्थिवम् || १-६७-१

नीचे मौलिक संपादकीय सार है, शाब्दिक अनुवाद नहीं। विभिन्न रामायण परंपराओं में विवरण भिन्न हो सकते हैं।

जनक शिव से संबंधित दिव्य धनुष मँगवाते हैं। जनक अपने मंत्रियों से धनुष लाने को कहते हैं। विश्वामित्र जनक से राम को धनुष दिखाने को कहते हैं।

राम के खींचने पर धनुष प्रचंड ध्वनि के साथ टूट जाता है। सीता का विवाह राम से करने का प्रस्ताव रखकर जनक अयोध्या में दूत भेजते हैं।

संस्कृत स्रोत और संदर्भ पढ़ें

पाँच प्रश्न आज़माएँ

राम के सामने किसका धनुष लाया जाता है?

जनक शिव से संबंधित दिव्य धनुष मँगवाते हैं।

धनुष लाने का आदेश कौन देते हैं?

जनक अपने मंत्रियों से धनुष लाने को कहते हैं।

राम को धनुष दिखाने के लिए कौन कहते हैं?

विश्वामित्र जनक से राम को धनुष दिखाने को कहते हैं।

राम के धनुष खींचने पर क्या होता है?

राम के खींचने पर धनुष प्रचंड ध्वनि के साथ टूट जाता है।

जनक दूतों को कहाँ भेजते हैं?

सीता का विवाह राम से करने का प्रस्ताव रखकर जनक अयोध्या में दूत भेजते हैं।

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Shri Ram Aarti · Raghupati Raghav · Hanuman Chalisa

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