एक वचन और वनगमन

अपने भविष्य में अचानक आए परिवर्तन पर राम पिता के वचन को स्वीकार करते हैं।

Valmiki Ramayana · Ayodhya Kanda 19

एवम् अस्तु गमिष्यामि वनम् वस्तुम् अहम् तु अतः |
जटा चीर धरः राज्ञः प्रतिज्ञाम् अनुपालयन् || २-१९-२

नीचे मौलिक संपादकीय सार है, शाब्दिक अनुवाद नहीं। विभिन्न रामायण परंपराओं में विवरण भिन्न हो सकते हैं।

राम कैकेयी की बात सुनकर उन्हें उत्तर देते हैं। राम वन में जाने के लिए सहमत होते हैं। राम कहते हैं कि वे राजा की प्रतिज्ञा का पालन करेंगे।

माँग में राम के वनवास के साथ भरत के राज्याभिषेक की बात है। पहला श्लोक पीड़ादायक समाचार के बावजूद राम को अविचलित बताता है।

संस्कृत स्रोत और संदर्भ पढ़ें

पाँच प्रश्न आज़माएँ

राम को माँग कौन बताती हैं?

राम कैकेयी की बात सुनकर उन्हें उत्तर देते हैं।

राम कहाँ रहने के लिए सहमत होते हैं?

राम वन में जाने के लिए सहमत होते हैं।

राम किसके वचन को पूरा करने की बात कहते हैं?

राम कहते हैं कि वे राजा की प्रतिज्ञा का पालन करेंगे।

राज्य किसे दिया जाना है?

माँग में राम के वनवास के साथ भरत के राज्याभिषेक की बात है।

अध्याय राम की पहली प्रतिक्रिया कैसी बताता है?

पहला श्लोक पीड़ादायक समाचार के बावजूद राम को अविचलित बताता है।

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Shri Ram Aarti · Raghupati Raghav · Hanuman Chalisa

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