विश्वास जगाने वाली मुद्रिका

हनुमान सीता को राम की पहचान का चिह्न और आश्वासन देते हैं।

Valmiki Ramayana · Sundara Kanda 36

वानरो अहम् महाभागे दूतो रामस्य धीमतः |
राम नाम अन्कितम् च इदम् पश्य देवि अन्गुलीयकम् || ५-३६-२

नीचे मौलिक संपादकीय सार है, शाब्दिक अनुवाद नहीं। विभिन्न रामायण परंपराओं में विवरण भिन्न हो सकते हैं।

हनुमान राम द्वारा सौंपी गई मुद्रिका प्रस्तुत करते हैं। हनुमान बताते हैं कि मुद्रिका पर राम का नाम है। हनुमान स्वयं को राम का दूत बताते हैं।

मुद्रिका दूत के राम से संबंध का भरोसा दिलाती है। हनुमान सीता को सांत्वना देते हैं और राम के आने का आश्वासन देते हैं।

संस्कृत स्रोत और संदर्भ पढ़ें

पाँच प्रश्न आज़माएँ

हनुमान सीता को क्या देते हैं?

हनुमान राम द्वारा सौंपी गई मुद्रिका प्रस्तुत करते हैं।

मुद्रिका पर किसका नाम अंकित है?

हनुमान बताते हैं कि मुद्रिका पर राम का नाम है।

हनुमान अपना परिचय कैसे देते हैं?

हनुमान स्वयं को राम का दूत बताते हैं।

मुद्रिका क्यों दी जाती है?

मुद्रिका दूत के राम से संबंध का भरोसा दिलाती है।

मुद्रिका के साथ हनुमान क्या देते हैं?

हनुमान सीता को सांत्वना देते हैं और राम के आने का आश्वासन देते हैं।

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Shri Ram Aarti · Raghupati Raghav · Hanuman Chalisa

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