हनुमान आरती एक aarti है जिसे Traditional द्वारा प्रस्तुत किया गया है। बजरंगबली की आरती — मंगल और शनि की संध्या के लिए।
बजरंगबली की आरती — मंगल और शनि की संध्या के लिए।
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर काँपे। रोग-दोष जाके निकट न झाँके॥
Aarti Kije Hanuman Lala Ki, Dusht Dalan Raghunath Kala Ki. Jake Bal Se Girivar Kanpe, Rog Dosh Jake Nikat Na Jhanke.
Traditional द्वारा प्रस्तुत यह aarti परंपरागत भक्ति-संग्रह का हिस्सा है।
बजरंगबली की आरती — मंगल और शनि की संध्या के लिए।
हनुमान आरती किसी भी समय गाया जा सकता है — विशेषतः प्रातः और संध्या hanuman पूजा के समय।